Thursday, January 13, 2011

कोमल है कमजोर नहीं तू , शक्ति का नाम ही नारी है .... >>> संजय कुमार

आज हम इक्कीसवीं सदी में जी रहे हैं ! जिस युग को आधुनिकता का युग कहते हैं ! घोर कलियुग भी कह सकते हैं ! ऐसा आधुनिक युग जहाँ हम अपनी बात स्वतंत्र रूप से कह सकते हैं ! इस युग में स्त्री - पुरुषों को समान अधिकार हैं ! स्त्रियाँ किसी भी मामले में आज पुरुषों से पीछे नहीं हैं ! इस बात को आज बड़े बड़े विद्वान भी मानते हैं और बहुत अच्छे से जानते भी हैं ! आज कई क्षेत्रों में नारी ने पुरुषों को पछाड़ दिया है ! आज की नारी और उसकी शक्ति और महत्व को कम आंकना गलत होगा ! ये तो नारी प्रगति का एक सुन्दर और जागरूक पहलु है ! इक्कीसवीं सदी का एक कड़वा सच जो नारी स्थिती को दर्शाता है या भी देखिये ! इस देश में कई जगह नारी आज भी अबला है ! आज भी देश में नारी को सती करने बाली घटनाएं हो रही हैं ! आज भी नारी को दहेज़ के नाम पर जिन्दा जलाया जा रहा है ! आज भी नारी को डायन का नाम देकर जिन्दा मार दिया जाता है ! आज भी रुड़ीवादी परम्पराओं के नाम पर बलि चढ़ाई जा रही है ! आज भी नारी का व्यापार हमारा सभ्य समाज कर रहा है ! आज भी नारी कई जगह पुरुषों के हाँथ की कठपुतली है !
फिर भी नारी तो नारी है ! जिसने नारी की शक्ति को नहीं पहचाना या नहीं पहचान रहे हैं , वो बस थोडा वक़्त रुक जाइए , पूरा विश्व नारी शक्ति से भलीभांति परिचित हो जाएगा ! भले ही पुरुष नारी का महत्व समाज के सामने स्वीकार ना करे ! किन्तु वह यह बात जानता है कि, अगर नारी नहीं तो पुरुष भी नहीं ......... क्योंकि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु हैं .... एक गाड़ी के दो पहिये ..... जिनसे जीवन चलता है ... हे नारी..... पुरुष तुझे हमेशा सलाम करता है , भले ही व्यक्त ना करे .... तू शक्ति है , सर्वशक्तिमान है ........

जिन नारियों का आत्मविश्वास डगमगा रहा है , जो अपने आप को कमजोर समझ रहीं हैं , वह इस गीत को पढ़कर एक जोश अपने में भर लें ......................

कोमल है कमजोर नहीं तू ,
शक्ति का नाम ही नारी है !
जग को जीवन देने बाली ,
मौत भी तुझसे हारी है !
सतियों के नाम पे तुझे जलाया ,
मीरा के नाम पे जहर पिलाया
सीता जैसी अग्नि परीक्षा ,
आज भी जग में जारी है !
कोमल है कमजोर नहीं तू , शक्ति का नाम ही नारी है
इल्म , हुनर में, दिल दिमाग में ,
किसी बात में कम तो नहीं
पुरुषों बाले सारे ही,
अधिकारों की अधिकारी है !
बहुत हो चुका अब मत सहना ,
तुझे इतिहास बदलना है !
नारी को कोई कह ना पाए ,
अबला है बेचारी है !
कोमल है कमजोर नहीं तू , शक्ति का नाम ही नारी है

( यह पंक्तियाँ एक फिल्म के गीत से ली गयीं हैं )

धन्यवाद

15 comments:

  1. सबको श्रम करना है, आगे बढ़ने के लिये।

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  2. naari shakti kee paribhaashaa
    vahee maatr hai shristi kee aashaa
    hai dinkar prakaash ki janani
    sheetalataa chandaa ki bhagani....

    brahmand me faile anginat taare
    maa ke mukh ke soundary hain saare
    baadal janani jal-bundon ke
    brahmaand ka yahi rahasy hai pyaare

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  3. naari shakti ki mahatta ko ujagar karti ek achhi post...

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  4. नारियों के प्रति आपके सम्मान को प्रदर्शित करती एक खूबसूरत रचना .....

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  5. aaj ki naari ko kaun kamjor kah sakta hai
    naari ne apni mahatta har xetra men siddh ki hai

    sundar post
    aabhaar

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  6. @ निवेदिता जी ने बिलकुल सही कहा
    नारियों के प्रति आपके सम्मान को प्रदर्शित करती एक खूबसूरत रचना .....

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  7. कोमल है कमजोर नहीं तू , शक्ति का नाम ही नारी है

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  8. जय श्री कृष्ण...आप बहुत अच्छा लिखतें हैं...वाकई.... आशा हैं आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा....!!

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  9. सीता जैसी अग्नि परीक्षा

    आज भी जग में जारी है

    बहुत सुन्दर ........नारी शक्ति ही नहीं आदिशक्ति है |

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  10. प्रेरक प्रस्तुति

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  11. कोमल है कमजोर नहीं तू ,
    शक्ति का नाम ही नारी है....
    बहुत सुन्दर ....

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