Tuesday, January 11, 2011

क्या आपके पास है ? सबसे बड़ी पूँजी ... >>> संजय कुमार

कहा जाता है , बिना आत्मविश्वास के तो मानव दो कदम भी नहीं बढ़ सकता ! आप जब घोर विपत्तियों में घिर जाते हैं , चारों ओरअन्धकार, निराशाएं ही होती हैं , जब आपके अपने सगे - सम्बन्धी और मित्र तक साथ छोड़ देते हैं , जब आप महसूस करते हैं कि कहीं भी कोई आपका अपना नहीं रहा है , सब स्वार्थों से भरे हैं , ना धन रहा और न संपत्ति है , परिवार कि जीवन नैय्या अभावों में घिरी है , आपके सामने सब रास्ते बंद हो गए हैं , आप हर तरफ से निराश हैं , जीवन आपको नीरस लगने लगता है ! तब एक ही चीज है जो हमारे जीवन में प्रकाश करती है , बंद रास्तों को खोलती है , हमें सहारा देती है , आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है , शक्ति और सहस को बढ़ाती है , बह प्रबल शक्ति है इन्सान के अन्दर का आत्मविश्वास ! अगर आपके पास आत्मविश्वास है तो यह इन्सान को कभी धोखा नहीं देगा , जब तक आप चाहेंगे यह आपका साथ देगा ! आप स्वयं ही इसका साथ छोड़ देंगे , किन्तु यह कभी आपका साथ नहीं छोड़ता , जब इन्सान के अन्दर का आत्मविश्वास मर जाता है इसमें वेचारे आत्मविश्वास का क्या दोष ?

जो किसी भी परिस्थिति में आत्मविश्वास का साथ नहीं छोड़ते , वास्तव में वही असली सम्मान के पात्र होते हैं या पात्र बनते हैं !संसार उन्हीं को पूजता है जो स्वयं के मिटने तक अपने आत्मविश्वास पर द्रढ़ रहते हैं ! इन्सान के पास अगर आत्मविश्वास है तो वह अकेला ही अनेक कठिनाइयों का सामना करने को सदैव तत्पर रहता है ! यदि व्यक्ति गरीब भी है और उसके पास आत्मविश्वास है तो वह आत्मविश्वास उसकी पूँजी हैं ! इस आत्मविश्वास रुपी पूँजी से सब कुछ पैदा कर सकता है , अपने गरीबी के अभिशाप से भी मुक्त हो सकता है ! बशर्ते वह अपने आत्मविश्वास पर अडिग रहे ! एक आत्मविश्वासी गरीब ऐसे अनेक कार्य कर सकता है जिसे बड़े-बड़े धनवान नहीं कर पाते या करने में असमर्थ होते हैं ! द्रढ़ता और आत्मविश्वास के साथ , सफलता आप अवश्य हासिल करेंगे ! पर आत्मविश्वास में सच होना चाहिए ! क्योंकि इन्सान असमर्थ नहीं है ! इन्सान के पास आत्मविश्वास कि ऐसी पूँजी हैं जो कभी खत्म नहीं होती ! यह पूँजी इन्सान के जीवन में सबसे उपयोगी होती है , इससे बढ़कर दूसरा कोई नहीं !

क्या आपके पास है , सबसे बड़ी पूँजी ? ( आत्मविश्वास )

धन्यवाद

9 comments:

  1. हाँ, है। आभार याद दिलाने का।

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  2. जी हाँ सहमत हैं
    आत्मविश्वास कायम हो हमेशा तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता
    एक इंसान की सबसे बड़ी पूँजी आत्मविश्वास ही होती है

    आभार & शुभ कामनाएं

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  3. ek prerak lekh......achha likha hai...

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  4. सचमुच, सबसे बड़ी पूँजी तो आत्मविश्वास ही होती है!

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  5. aatmvishvas asambhav lagne vale kaaryon ko bhi sambhav kar deta hai ..

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  6. बिलकुल ठीक याद किया ! मेरे पास भी है और खूब है .....
    शुभकामनायें !

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  7. .....आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी पूँजी है!

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  8. इन्सान के अन्दर आत्म विश्वास है dailymajlis.blogspot.in/2013/01/soulpower.html

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