Saturday, January 24, 2015

गणतंत्र - दिवस , " मेरा भारत महान " सोने की चिड़ियाँ " .............शुभ-कामनाएं ......>>>संजय कुमार

सभी मित्रों , साथियों एवं देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई , ढेरों अनेकों शुभ-कामनाएं ! इस एक दिन के राष्ट्रीय पर्व पर हम अपने दिलों में राष्ट्र-प्रेम की भावना जाग्रत कर सकते हैं ! इस एक दिन के पर्व को आप बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मना सकते हैं ! एक दिन के लिए ही सही हमें अपने दिलों में देशभक्ति का जज्बा भर लेना चाहिए और विरोधी ताकतों , देश के दुश्मनों को ये अहसास दिला देना चाहिए कि , हम आज भी अपने देश के लिए मर मिटने को सदैव तैयार रहते हैं ! हम सभी भारतीय जिस एकता - अखंडता , सभ्यता - संस्कृति - समर्पण  के लिए पूरे विश्व में जाने जाते हैं , वो बात आज भी हमारे बीच मौजूद है और जिसे कोई तोड़ नहीं सकता , सच कहूँ तो देश के ठेकेदार , धर्म के ठेकेदार आज ऐसी कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं हमारी एकता , अखंडता को खत्म करने की, इसलिए हमारे दिलों में राष्ट्र-प्रेम का जज्बा सिर्फ एक दिन के लिए ही नहीं बल्कि जीवन पर्यंत तक हम भरतीयों में होना चाहिए ! आज हमारे देश के जो हालात हैं वो किसी से छुपे नहीं हैं !  जहाँ एक ओर भारत विकास की ओर  अग्रसर है तो वहीँ  कुछ गैर पेशेवर ताकतें इस देश की धार्मिक सम्प्रदाओं को नुक्सान पहुँचाने की नाकाम कोशिशों में लगे हुए हैं ! कभी फिल्मों, गीतों का सहारा लेकर तो कभी कार्टून, पोस्टर आदि का सहारा लेकर हम आम लोगों के बीच ( धार्मिक ) नफरत का बीजारोपण  कर रहे हैं ! हालातों का फायदा उठाकर हमें जाति - धर्म - संप्रदाय के नाम पर लड़ाकर अपनी रोटियां सेंकना चाहते  हैं ! क्या आप ऐसा होने देंगे ...? हमारे बीच अपनों के लिए एक नफरत की गहरी खाई खोदना चाह रहे हैं ! क्या आप ऐसा होने देंगे ....?  हम सच्चे भारतीय इस बात को भलीभाँति से जानते हैं और इसीलिए हम किसी के बहकावे में नहीं आते, हम सभी आज की गन्दी और ओछी राजनीति से भली-भांति परिचित है कि , आखिर वो क्या चाहती है ?  इसलिए हमारे सब्र का पैमाना किसी के तोड़ने से नहीं टूटता ! हम जानते हैं कि आज देश के बड़े राजनीतिज्ञ , बड़े धर्माधिकारी , संप्रदाय प्रमुख अपने घटिया बयानबाजी  से इस देश के माहौल को और ख़राब कर रहे हैं या कर सकते हैं , किन्तु हमें  फिर भी बहुत संयम रखना होगा समझदारी का परिचय देना होगा और दुश्मन ताकतों को ये बताना होगा की हमारे लिए इस राष्ट्र से बढकर कोई और नहीं , क्योंकि हमने इस देश की मिटटी में ही जन्म लिया है और अपना बचपन यहीं बिताया है , इस देश में रहकर ही हमने अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण किया है ,हमें नाम , शोहरत और इज्जत इसी देश में अर्जित की है ! इसलिए ये राष्ट्र हम सभी के लिए प्रथम है उसके बाद अन्य ... हमें अपने सभी देशवासियों में राष्ट्र - प्रेम की भावना को जगाना होगा और ये जिम्मेदारी हम सभी की है ! हम सभी बचपन से लेकर बुढ़ापे तक सभी जिम्मेदारियों का निर्वाह , अपने कर्तव्यों का पालन जिस तरह करते हैं ठीक उसी तरह इस राष्ट्र के प्रति भी हमारी कुछ जिम्मेदारी और कर्तव्य हैं जिनके प्रति हम शायद ही कभी सोचते हैं या कुछ करते हैं ..... अगर आज देश का हर नागरिक देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने लगेगा अपनी जिम्मेदारी देश के प्रति समझेगा तो समझ लीजिये मेरे देश जैसा शायद ही कोई देश हो ! ., .... सच तो ये है ,जो देश " सोने की चिड़िया " कहलाता था , " मेरा भारत महान "  शायद ऐसा पहले था , किन्तु "" चिड़ियाँ अब उड़ चुकी हैं और सोना " भ्रष्टाचारियों " की तिजोरियों में ""   
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क्या आप नहीं चाहेंगे की  फिर से  " मेरा भारत महान "  ये देश फिर से " सोने की चिड़ियाँ " बने ....... तो फिर हमें अपने अन्दर राष्ट्र-प्रेम की भावना को ऐसे प्रज्वालित करना  होगा जो किसी भी आंधी-तूफ़ान के बुझाये ना बुझ सके !  परिवार , समाज , शहर , राज्य और देश जब हमारा है तो कैसे हम इसका विघटन होने देंगे , देश के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी है ! क्या हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे ?

 हम सभी देशवासियों के लिए ये दिन सिर्फ २६ जनवरी का दिन ना होकर " राष्ट्रीय पर्व " का दिन होना चाहिए ! 


आप सभी को गणतंत्र - दिवस राष्ट्रीय पर्व की बहुत बहुत बधाई ढेरों -अनेकों शुभ-कामनाएं

 " जय-हिंद " वन्दे-मातरम्  " जन-गण -मन  "

धन्यवाद 
संजय कुमार 

2 comments:

  1. संजय जी आप के शब्दों में देश के प्रति प्रेम और अपनापन बखूबी बरसता है और ये शब्द हम सब भारतवासियों में प्रेरणा स्रोत साबित होते हैं , हर भारतीय आपके शब्दों से अपने कर्तव्य को एक नजर में झांक सकते हैं, बहुत बहुत शुभकामनायें आपको !

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  2. बहुत ही सुंदर और पठनीय लेख प्रस्‍तुत करने के लिए बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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