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Saturday, January 11, 2014

" युवा दिवस " पर आव्हान ( इस देश की तस्वीर अब बदल डालो ) ....…>>> संजय कुमार

सर्व-प्रथम मैं आप सभी लोगों को नव-बर्ष २०१४ की हार्दिक बधाई और शुभ-कामनायें  देता हूँ , और बधाई देता हूँ देश के सभी युवाओं को और उनसे आशा करता हूँ कि,  इस बर्ष आप अपनी उपस्थिति से इस देश की तस्वीर बदल देंगे ! 2014 का सूरज देश के लिए एक नया सवेरा लेकर आया है ! आज की युवा - पीढ़ी ने राजनीति के सभी आयाम बदल दिए , जो ना सोचा वो हो गया , सब कुछ " आप " युवाओं के जोश ने सम्भव कर दिखाया ! अब इस देश की उम्मीद पूरी तरह से आज की युवा पीढ़ी पर ही  है ! हम जानते हैं कि , हम युवाओं में है माद्दा इस देश की तस्वीर बदलने का ! आज " युवा दिवस " के मौके पर मैं फिर से एक बार देश के युवाओं एवं  अपने सभी युवा साथियों से गुजारिश करता हूँ की वो अब अपनी उपस्थिति से एक सभ्य और शिक्षित समाज का निर्माण करें जो इस देश को विकसित और विकासशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए ! आज हमारे देश के जो हालात हैं वो ठीक नहीं हैं , चारों ओर भ्रष्टाचार , घूसखोरी , बेईमानी , मेंहगाई जैसे राक्षस आज भी अपना सिर उठाकर बड़ी बेफिक्री से घूम  रहे हैं ! सन  २०१३  की शुरुआत " दामिनी " के साथ हुए अमानवीय अत्याचार के विरोध में एकजुट हुए देश के युवाओं से हुई थी ! वो हादसा हमारे  देश की सुस्त सुरक्षा व्यवस्था और इंसान के गिरते हुए स्तर का एक बहुत बड़ा उदाहरण था तो दूसरी ओर " दामिनी " को इन्साफ दिलाने के लिए एकजुटता का उदाहरण ! ये सब युवा ही थे जो इन्साफ दिलाने के लिए सरकार को मजबूर कर सके , अगर  सच कहूं तो सरकार की मजबूरी और मकसद हमेशा अपनी कुर्सी को बचाने का होता है और उसके लिए उन्हें सब कुछ मंजूर है !
हम बात करते हैं आज के युवाओं की जिनके आदर्श सचिन -राहुल , सलमान - शाहरुख़ , कैटरीना - करीना हैं और आज की नई कतार के हीरो-हीरोइन ! यह बात मैं इसलिए कह रहा हूँ कि , अभी एक सर्वे में ये खुलासा हुआ कि , बीते बर्ष सबसे ज्यादा " रणवीर कपूर - सनि लिओन " ( इंटरनेट ) को पसंद किया गया , ये  कलाकार आज युवाओं के आदर्श बन गए हैं ,ना की  स्वामी विवेकानंद और भगत सिंह ! सच तो ये है कि आज के युवाओं का कोई आदर्श ही नहीं है और ना ही कोई सिद्धांत , जैसे हर हफ्ते फिल्म के पोस्टर बदलते हैं ठीक वैसे ही उनके आदर्श और सिद्धांत भी दिन-प्रतिदिन बदल जाते हैं  ! संस्कार रहित , अपनी मस्ती में मस्त , घर-परिवार , समाज - देश दुनिया में हो रही गतिविधियों से कोसों दूर , भेड़चाल के शिकार , उत्तेजना से लबरेज , सब्र का अभाव , मरने - मारने को सदैव तत्पर , विदेशी कल्चर का तेजी से अनुशरण करने वाला ! अपने हांथों से अपने हजारों  बर्ष पुराने संस्कार और अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला और कोई नहीं आज का युवा ही है ! अब ऐसे युवाओं का सचेत होना जरुरी है , अन्यथा …....?   दूसरी ओर इस देश के कई युवा ऐसे भी हैं जो इस देश की तरक्की और विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ! देखा जाय तो आज  देश में बढ़ते अपराधों में सबसे ज्यादा प्रतिशत युवाओं का ही है ! हमारे बीच क्लबों का बढ़ता हुआ चलन , ड्रग्स , शराब , लेट नाईट पार्टियाँ , जिस्मफरोशी इन सभी के पीछे कोई नहीं बल्कि आज का भटका हुआ युवा ही है ! ऐसा नहीं है की देश का सभी युवा वर्ग यही सब कर रहा है ! इस देश में ऐसे भी नौजवान हैं जो आज भी अपने देश पर मर मिटने को सदैव तत्पर रहते हैं , ऐसे भी युवा हैं जो समाज को सुधारने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं ! आज समाज और देश की दुश्मन ताकतों से हमारी रक्षा करने वाला कोई और नहीं आज का देशभक्त युवा ही है ! आज कई युवा भारत का नाम विश्व स्तर पर ऊंचा कर रहे हैं ! किन्तु ये संख्या ना के बराबर है ! शायद हम युवाओं में द्रण-निश्चय और सब्र की कमी है ! ऐसा क्यों है ......?  इसके पीछे आखिर क्या कारण है ? कौन है इसके लिए जिम्मेदार ? आज के युवाओं में संस्कारों का अभाव , पैसे कमाने की अंधी दौड़ या गलत तरीकों से ज्यादा कमाने की दौड़ , गलत सभ्यता और और असंस्कारों का हावी होना ! माता -पिता का अपने बच्चों के लिए समय का अभाव , देश में बढ़ती बेरोजगारी , मेंहगाई और भ्रष्टाचारी का अपनी चरम सीमा पर होना , सरकार का हर बात पर ढुल - मुल रवैया होना या फिर इंसान का अपने लिए स्वार्थी होना ! ऐसे अनेकों कारण है जो किसी भी युवा को अपने लक्ष्य से भटका सकता है ! फिर क्या किया जाये .......?

जिम्मेदारी हम युवाओं को ही लेनी पड़ेगी ! हम ही सब कुछ ठीक कर सकते हैं ! भ्रष्टाचार से पूर्ण और गन्दी राजनीति और राजनेताओं का त्याग ! सही गलत का फैंसला करने की समझ और हिम्मत से मुकाबला करने की क्षमता का होना ! देश को लूट रहे नेता , धर्म के नाम पर लूट रहे साधू-संत , भगवान का चोला पहनकर मासूम बच्चियों -महिलाओं के साथ घृणित कार्य करने वाले ढोंगी -पाखंडियों , ऊंचे पदों पर बैठे घूसखोर आला अफसरों और अधिकारिओं के खिलाफ एकजुट होकर सजा दिलाने का संकल्प लेना होगा ! अपने यार दोस्त - मित्र सहपाठियों को गलत कार्य करने  से रोकने के लिए प्रेरित करना होगा ! हमें सोचना होगा और कार्य करना होगा ! हम युवा ही इस देश की दशा और दिशा बदल सकते हैं ! युवा साथियों आगे बढ़ो और अपने घर -परिवार , समाज और देश के लिए कुछ करो ....... अपनी उपस्थिति अच्छे कामों में दर्ज कराएँ !

मैं अपने सभी युवा साथियों को युवा दिवस की बहुत बहुत बधाई ..... शुभकामनाएं देता हूँ !


" युवा दिवस १२ जनवरी २०१४ "  

धन्यवाद 

Saturday, January 12, 2013

300 बीं पोस्ट .....( युवा दिवस ) आज का युवा .........>>> संजय कुमार

आज मैं अपनी 300 बीं पोस्ट लिखते हुए बहुत ही ख़ुशी महसूस कर रहा हूँ ! मैं आप सभी का इस 300बीं पोस्ट पर तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ , मैं आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ, आप सभी का आभार व्यक्त करता हूँ जो आप सभी ने मेरे लेखन को सराहा , समय समय पर अपनी बहुमूल्य टिप्पणियों से मेरा उत्साहवर्धन किया , मुझे  मार्ग -दर्शन दिया ! आगे भी मैं  आप सभी से  मार्ग-दर्शन की उम्मीद रखता हूँ !

तीन बर्षों के  लेखन के दौरान मैंने लगभग हर बिषय पर कुछ ना कुछ अवश्य लिखा है .... राजनीति- राजनीतिज्ञ , भ्रष्टाचार - बेईमानी , नेता - अभिनेता , साधू-संत , घर-परिवार , रिश्ते-नाते , माता -पिता , बुजुर्ग -बच्चे , यहाँ तक की जानवरों और मच्छरों तक को भी नहीं छोड़ा ! मैंने युवाओं पर भी कई पोस्ट लिखीं हैं ! आज " युवा दिवस " के मौके पर मैं फिर एक बार देश के युवाओं को लेकर कुछ लिख रहा हूँ ! मैं अपने सभी युवा साथियों से गुजारिश करूंगा की वो अपनी उपस्थिति से एक सभ्य और शिक्षित समाज का निर्माण करें जो इस देश को विकसित और विकासशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए ! आज जो  हमारे देश के हालात हैं वो वद से वद्तर हो चुके हैं , पिछले दिनों जो अमानवीय और दर्दनाक हादसा " दामिनी " के साथ हुआ वो इस देश की सुस्त सुरक्षा व्यवस्था और इंसान के गिरते हुए स्तर का एक बहुत बड़ा उदाहरण था ! देश में  कोई भी सरकार हो उसका मकसद हमेशा अपनी कुर्सी को बचाने का होता है और उसके लिए उन्हें सब कुछ मंजूर है !

हम बात करते हैं आज के युवाओं की जिनके आदर्श सचिन -राहुल , सलमान - शाहरुख़ , कैटरीना - करीना हैं ! स्वामी विवेकानंद और भगत सिंह नहीं ! सच तो ये है कि आज के युवाओं का कोई आदर्श ही नहीं है और ना ही कोई सिद्धांत , जैसे हर हफ्ते फिल्म के पोस्टर बदलते हैं ठीक वैसे ही उनके आदर्श और सिद्धांत ! संस्कार रहित , अपनी मस्ती में मस्त , घर-परिवार , समाज से कोसों दूर .... भेड़चाल के शिकार , उत्तेजना से लबरेज , सब्र का अभाव , मरने - मारने को सदैव तत्पर , विदेशी कल्चर का तेजी से अनुशरण करने वाला ! अपने हांथों से अपने 5000 बर्ष पुराने कल्चर और अपने भविष्य को खत्म करने वाला , और कोई नहीं आज का युवा ही है ! वो बिगड़े हुए युवा ही थे जिन्होंने दिल्ली और गुवाहाटी में इस देश को शर्मसार किया है ! आज देश में बढ़ते अपराधों में सबसे ज्यादा प्रतिशत युवाओं का ही है ! हमारे बीच क्लबों का बढ़ता हुआ चलन , ड्रग्स , शराब , लेट नाईट पार्टियाँ , जिस्मफरोशी इन सभी  के पीछे आज का भटका हुआ युवा ही है ! ऐसा नहीं है की देश का सभी युवा वर्ग यही सब कर रहा है ! इस देश में ऐसे भी नौजवान हैं जो आज भी अपने देश पर मर मिटने को सदैव तत्पर रहते हैं , ऐसे भी युवा हैं जो समाज को सुधारने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं ! आज देश की और दुश्मन ताकतों से हमारी रक्षा करने वाला कोई और नहीं आज का देशभक्त युवा ही है ! आज कई युवा भारत का नाम विश्व स्तर पर ऊंचा कर रहे हैं ! किन्तु ये संख्या ना के बराबर है ! ऐसा क्यों है ......? इसके पीछे आखिर क्या कारण है ? कौन है इसके लिए जिम्मेदार ? युवाओं में संस्कारों का अभाव , पैसे कमाने की अंधी और गलत तरीकों से ज्यादा कमाने की दौड़ , माता -पिता का अपने बच्चों के लिए समय का अभाव , देश में बढ़ती बेरोजगारी , मेंहगाई और भ्रष्टाचारी का अपनी चरम सीमा पर होना , सरकार का हर बात पर ढुल - मुल रवैया , सभी का अपने लिए स्वार्थी होना ! ऐसे अनेकों कारण है जो किसी भी युवा को अपने लक्ष्य से भटका सकता है ! फिर क्या किया जाये .......?

जिम्मेदारी हम युवाओं को ही लेनी पड़ेगी ! हम ही सब कुछ ठीक कर सकते हैं ! किन्तु हमें सोचना होगा , और कार्य करना होगा ! हम युवा ही इस देश की दशा और दिशा बदल सकते हैं ! युवा साथियों आगे बढ़ो और अपने घर -परिवार , समाज और देश के लिए कुछ करो ....... अपनी उपस्थिति अच्छे कामों में दर्ज कराएँ !

मैं अपने सभी युवा साथियों को युवा दिवस की बहुत बहुत बधाई ..... शुभकामनाएं देता हूँ !

धन्यवाद