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Saturday, September 22, 2012

प्यार में अंधे होकर , इज्जत न लुटवायें .........>>> संजय कुमार

मैं आपको अपने शहर की एक ताजा घटना से अवगत करना चाहता हूँ , अभी दो दिन पहले की बात है , किसी महिला ने जिस बच्चे को अपनी कोख में नौ महीने तक पाला , उसके जन्म लेते ही उस मासूम नवजात बेटे को एक कचरे के ढेर पर मरने के लिए फेंक गयी , वो तो अच्छा हुआ कि समय पर लोगों की नजर उस बच्चे पर पड़ गई वर्ना सुअर और कुत्तों का निवाला बन गया होता ! इस तरह की घटनाएँ सिर्फ मेरे शहर में नहीं हो रही हैं अपितु देश के कौने - कौने में हो रही हैं ! आखिर कारण क्या है ? जो महिला नौ महीने तक बच्चे की रक्षा अपनी कोख में करती है और फिर जन लेने के बाद उसी को मरने के लिए फेंक देती है ! कारण कई हो सकते हैं जैसे नाजायज बच्चा ( बिना शादी के जन्मा हुआ ) हमारा समाज यही कहता है ! ये और कुछ नहीं अंधे प्यार का नतीजा था ! क्या इसी को प्रेम कहते हैं .... या फिर ........ ? कहा जाता  हैं  कि  , प्यार तो अँधा होता है  और ये  बात जिसने भी लिखी १०० टका सही लिखी है ! क्योंकि आप तो जानते हैं  प्यार में  अँधा आदमी ना तो रिश्ते नाते देखता है और ना ही उम्र , ना ऊँच-नीच का का अंतर और ना ही किसी  प्रकार का जाति बंधन ! प्यार करने वाले किसी भी धर्म को नहीं मानते बल्कि प्रेम ही उनके लिए सभी धर्मों से बढ़कर होता है  तभी तो लैला-मंजनू , सोहनी-महिवाल, हीर-राँझा, रोमियो-जूलियट इन सभी ने सिर्फ प्रेम किया वो  भी सच्चा , इसीलिए तो आज हम जब भी सच्चे प्रेम की बात करते हैं तो सबसे पहले इन्हीं  लोगों का नाम जुबान पर आता हैं  प्रेम तो  हमेशा से अमर था और अमर ही रहेगा क्योंकि प्रेम बिना जीवन संभव नहीं है ! हम भी तो कहीं ना कहीं किसी ना किसी को प्रेम करते हैं ! किन्तु जैसे जैसे समय ने अंगड़ाई ली  वक़्त बदला और वदलते वक़्त के साथ प्रेम का स्वरूप भी बदल गया ! आज सच्चे प्रेम की कहानियां देखने सुनने को नहीं मिलती अगर मिलती भी हैं तो वो  आज अपवाद है ! आजकल प्रेम या तो होता ही नहीं अगर होता है तो ज्यादातर एक  तरफ़ा जो अक्सर टूट जाता हैं ! आज की कुछ प्रेम कहानियों में प्रेमियों को झूंठी परम्पराओं के नाम पर मौत दे दी जाती है ! ( ऑनर किलिंग के कई उदाहरण हमारे सामने हैं ) ......  आज के कलियुगी  प्रेम ने अपना एक रूप और बना लिया है जिसे हम झूंठ, धोखा , फरेब , और सेक्स के नाम से जानते हैं और ये दिनों दिन तेजी से फ़ैल रहा है ! सच कहूँ प्रेम के इस रूप में पड़कर कई युवतियां अपना जीवन  बर्वाद कर चुकी हैं कई तैयारी पर हैं ,  जो बिन सोचे समझे कर ऐसी गलतियाँ कर बैठती हैं  जहाँ उन्हें अपनी इज्जत , मान -सम्मान तक खोना पड़ता हैं , इसके बावजूद भाग रहीं हैं अंधे प्यार की तरफ अपना  सब कुछ दांव पर लगाकर ! इन्सान जैसे-जैसे आधुनिक होता जा रहा है ,  इन्सान के सामने नित नए नए दूसरों  को धोखा देने और उनको भ्रमित करने के तरीके मिलते जा रहे हैं  ! आज  के युवाओं के ऊपर ना तो परिवार की किसी समझाइश का कोई असर होता है और ना उनके अनुभवों को वो कबूल करते हैं ! अगर कुछ जानते हैं तो वो इतना कि अपने को पूरी तरह  आधुनिक कैसे बनाया जाय ! मैं यहाँ बात कर रहा हूँ उन युवा लड़कियों की जो सिर्फ आज दिखावा ही पसंद करतीं हैं  और इसी को आधार मान प्रेम रुपी अंधे कुंये में  डूबना चाहती हैं !  इनके इस दिखावे का कुछ लोग पूरी तरह से फायदा भी उठाते हैं  फिर चाहे पूर्व में ऐसी लड़कियां भीमानंद, और नित्यानंद जैसे ढोंगी महात्माओं के चक्कर में  फंसकर अपनी इज्जत तक गवां चुकी है ! आज की कुछ युवा लड़कियां  प्यार के जाल में फंसकर  इस कदर अंधी हो जाती है कि , ऐसे झूंठे प्यार के लिए अपना सब कुछ बिना किसी हिचक के बिना किसी डर के अपना तन - मन सब कुछ  सौंप देती हैं !  कुछ दिनों पहले इस तरह का एक मामला सामने आया एक लड़की अपने परिवार से वगावत कर अपना सब कुछ छोड़कर पहुँच गयी अपने प्रेमी के पास , फिर क्या हुआ  ? इसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते  उस प्रेमी ने पहले उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और बाद में उस लड़की को ५०००० रुपये में बेच दिया गया  और फिर उस मासूम का बलात्कार कई दिनों तक हुआ ! जैसे तैसे वो  अपनी जान बचाकर भागी और पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस ने जब लड़की के परिवार को बताया तो एक बहुत बड़ा धक्का लगा उस परिवार को ! सिर्फ बेटी के अंधे प्यार की बजह से , ऐसे  कई उदाहरण हैं जो हमारे सामने हैं जिनसे हमारी युवा पीढ़ी को सबक लेना चाहिए ... किन्तु आज हम जिस चकाचौंध में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं वहां हमारी सोचने समझने की शक्ति क्षीण होती जा रही है ! 

मैं नहीं कहता की प्रेम नहीं करना चाहिए ! प्रेम इन्सान की जरूरत हैं ! पर प्रेम सच्चा हो  मन का सम्बन्ध होता है प्रेम से ना की शरीर से किन्तु आज बहुत कम लोग ऐसे हैं जो मन से प्रेम करते हैं ! क्योंकि आज अश्लीलता चारों ओर फैली हुई है !  प्रेम करने के साथ साथ युवाओं  को सब कुछ ध्यान रखना चाहिए , उन्हें जागरूक होना चाहिए , क्या सही क्या गलत इस बात का पूरी तरह आभास होना चाहिए ! सिर्फ  अंधों की तरह प्रेम ना करे अपनी आँखे खोलें और सब कुछ अच्छे से परख लीजिये ! आज की युवा पीढ़ी  तो पड़ी लिखी है ! फिर क्यों हम अंधी दौड़ मैं भाग रहे हैं  ?? ...................
कहीं ऐसा ना हो आप करें अँधा प्यार ....... जिसकी आपको मंहगी कीमत चुकानी पड़ जाए  ...........

धन्यवाद

Wednesday, January 11, 2012

( युवा दिवस ) आज का युवा : .... जिस्मफरोशी और नशा ......>>> संजय कुमार

आज हमारे टेलीविजन सीरियल और विज्ञापनों ने आज की नारी को एकदम बिकाऊ बना दिया है ! आज के लगभग सभी विज्ञापनों में नारी नुमाइश जबरदस्त तरीके से की जा रही है ! तेल , साबुन, क्रीम , बिस्कुट , सीमेंट ..... यहाँ तक की शराब , वियर , सोडा तक के विज्ञापनों में नारी का इस्तेमाल किया जा रहा है ! गौर करने वाली बात ये है कि , आज नारी को नशे की दुनिया में भी सबसे ज्यादा दिखाया जा रहा है ! आप कोई भी डेली सोप सीरियल उठा कर देख लीजिये नारी के हाँथ में शराब का गिलास अवश्य होगा ! बड़ी- बड़ी पार्टियों में , डिस्को-थेक में , क्लबों में , नशे की गिरफ्त में , नशे के बाजार में आज नारी को दिखाया जा रहा है ! शायद ये शहरी चकाचौंध का ही नतीजा है ! ये तो सिर्फ डेली सोप सीरियल हैं किन्तु वास्तविकता इनसे कहीं ज्यादा ख़राब और चिंतित करने वाली है ! आज मैं जिस नशे की बात कर रहा हूँ वो नशा हमारे देश के युवाओं की नशों में खून बनकर दौड़ रहा है ! शराब , बीडी -सिगरेट, ड्रग्स, तम्बाखू और सभी तरह के मादक पदार्थ ये सभी चीजें अब आम बात हो गयी है ! ये सभी चीजें आज के युवाओं में रोजमर्रा की चीजें हो गयी हैं ! आज कल के युवाओं को अब एक नए नशे की लत लगती जा रही है और वो नया नशा है जिस्म का नशा ! जिसे हम जिस्मफरोशी के नाम से जानते हैं ( पोर्न फिल्मों का बढता क्रेज ) जो हमारे युवाओं में आज का फैशन बनता जा रहा है ! लड़का हो या लड़की इस नशे के जाल में दिन - प्रतिदिन फंसते जा रहे हैं ! इसका उदाहरण आजकल रूपसज्जा पार्लर और वियर बार की आड़ में जिस्मफरोशी में पकडे गए युवा- युवतियों को देखकर आप इस बात का अंदाज़ लगा सकते हैं कि , आज इस नशे के बाजार की पकड़ कितनी मजबूत है ! इस नशे का जाल अब इतना फ़ैल गया है कि , जिससे बाहर आना आज के भटके हुए युवा का मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगता है ! एक रिपोर्ट के अनुसार आज हमारे देश के चार बड़े महानगरों में स्थिती बहुत ही चिंतनीय एवं विचारणीय है ! १५ से २० साल के बच्चों में या अभी-अभी जवानी की दहलीज पर कदम रखने वाले युवाओं में नशे की लत इतनी तेजी से अपने पैर फैला रही है या उन्हें पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले चुकी है ! किसी भी माँ-बाप के लिए ये बड़ा ही चिंतनीय एवं होश उड़ाने वाला बिषय है ! जब बच्चे बाहर की दुनिया में जाकर अपना नाम कमाने के लिए अपने घर की चारदीवारी से बाहर निकलते हैं तो उस वक़्त माँ-बाप बच्चों पर विश्वास कर ही उनको पूरी आजादी देते हैं ! क्योंकि हर माँ-बाप अपने बच्चों पर विश्वास रखते हैं ! किन्तु आज के ये बच्चे उनके विश्वास के साथ विश्वासघात करने से भी नहीं चूकते ! महानगरीय युवा हो या छोटे शहरों का युवा , जन्म-दिन की पार्टी हो , कोई त्यौहार हो , कोई ख़ुशी हो, या गम भी हो तो भी इन्हें सिर्फ नशा चाहिए ! शहरी आधुनिकता की चकाचौंध में ये युवा इतने पागल से हो गए हैं कि , इन्हें अपना अच्छा बुरा भी समझ नहीं आता ! मानो नशे की दुनिया ही इनके लिए सब कुछ है ! इन युवाओं में एक होड़ सी लगी है अपने आप को अति आधुनिक बनाने की ! एक कडवा सच ये भी है कि " आज लड़कियां भी इन लड़कों से इन मामलों में किसी भी बात में पीछे नहीं हैं " आज लड़कियां भी इस पद्धति को अपनाकर नशे के तालाब रुपी दलदल में धंस रहीं हैं और पुरुष के साथ कंधे से कन्धा मिलकर चल रही हैं ! कुछ अपने शौक को पूरा करने के लिए , तो कुछ एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए नशे का इस्तेमाल करती हैं ! लेकिन नशा करने वाले ये युवा यह नहीं जानते की इनके नशा करने से ये किस और जा रहे हैं ! जब इन भटके हुए युवाओं का कोई फायदा उठाता है तो हमारे सामने ऐसे परिणाम आते हैं जो इन युवाओं के लिए और इनके परिवारों के लिए ऐसे जख्म या नासूर बन जाते हैं जिनकी पीड़ा इनके दिलों दिमाग से जीवन भर नहीं मिटती ! पूर्व में भी धर्म की आड़ में जिस्मफरोशी करते हुए कई युवतियां पकड़ी गयीं ! धर्म की आड़ में इन युवतियों का खुलकर इस्तेमाल किया गया , कुछ मर्जी से तो कुछ मजबूरी बश ! हमारे देश में नशा और जिस्मफरोशी का कारोबार बहुत बड़ा है ! यह स्थिती सिर्फ हमारे महानगरों की ही नहीं है बल्कि यह स्थिती और हालात अब पूरे देश में धीरे -धीरे बड़ रहे हैं या अपने पैर पूरी तरह फैला चुके हैं ! बड़े - बड़े शहरों से निकलकर यह नशा अब हमारे छोटे-छोटे शहरों , कस्बों और गांवों में तेजी से फ़ैल रहा है ! स्थिती ये है की शहरों में कूड़ा -करकट बीनने वाले १० से १५ साल के बच्चे तक, आज नशा कर रहे हैं ! बीडी -सिगरेट तो उनके लिए आम बात हैं ! अब वह इससे भी बड़ा नशा करने लगे हैं ! नशा करने के नए नए तरीके ढूँढने लगे हैं ! ऐसे बच्चों का तो मान सकते है की बह समझदार नहीं हैं या पढ़े-लिखे नहीं हैं ! उनके सिर पर ना किसी का हाँथ है और ना छत ! किन्तु आज बड़ी-बड़ी डिग्रियां हांसिल करने वाले युवा नामी-गिरामी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा भी सब कुछ जानते हुए भी नशे के इस बाजार में अपनी आमद दर्ज करा रहे हैं ! यह देखकर बड़ा आश्चर्य होता है !
जिन माँ-बाप के बच्चे उनसे दूर रहकर महानगरों में पढ़-लिख रहे हैं ! उन माँ-बाप को अब इस ओर ध्यान देना होगा की कहीं उनके बच्चे उनके द्वारा दी गयी आजादी का कहीं गलत फायदा तो नहीं उठा रहे हैं ! अगर देश का युवा जो इस देश का भविष्य भी है , इसी तरह नशे में डूबा रहेगा तो क्या होगा उनके भविष्य का या इस देश के भविष्य का ?
देश के युवाओं जरा सोचिये ............ जरूर सोचिये ................

धन्यवाद

Tuesday, April 5, 2011

युवाओं अगर समय हो तो जाग जाओ ......>>> संजय कुमार


सर्वप्रथम हिन्दू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्र की सभी ब्लोगर साथियों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें !


आज हिन्दू नवबर्ष का प्रथम दिवस है ! आज से हम लोगों का नवबर्ष प्रारंभ होता है ! यह बात कितने लोग जानते हैं ! यह एक प्रश्न है जिसका जबाब हमारे देश के युवाओं के पास नहीं होगा ! क्योंकि उनके लिए तो प्रथम जनवरी ही नवबर्ष होता है ! हमारे लिए भी होता है ! क्योंकि हम लोग तो सिर्फ इतना ही जानते कि , जब केलेंडर पर बर्ष बदलता है तभी नवबर्ष होता है ! आज कई लोगों ने मुझे नववर्ष की बधाई दी ! जब मैंने ये महसूस किया कि ज्यादातर बधाई देने बालों में वो लोग हैं जिनकी उम्र लगभग ४०-५० बर्ष से ऊपर है ! मुझे ये देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि इन बधाई देने वालों में हमारे युवा वर्ग का दूर-दूर तक कहीं कोई नाम नहीं था ! तब मुझे ये अहसास हुआ कि आज का युवा तो पूरी तरह से सोया हुआ है जागरूक नहीं वो भी अपने धर्म और अपने संस्कारों के प्रति ! आज का युवा पूरी तरह भेड़चाल में शामिल है ! वो तो तभी जागता है जब उसे जगाया जाता है ! वर्ना वो तो आज भी सोया हुआ है ! आज का युवा हमेशा भेड़चाल में अपनी उपस्थिति दर्ज करता है ! आज के युवा वर्ग को तो ये तक नहीं मालूम की आज हमारे आस-पास हो क्या रहा है ? ये समाज ये देश और स्वयं वह कहाँ जा रहा है ? क्यों हम हर जगह पिछड़ रहे हैं ? क्यों आज बुरी ताक़तें हम पर राज कर रहीं हैं ? आज का युवा तो सिर्फ अपनी मस्ती में मस्त है ! आज देश में एक बहुत बड़ा युवा वर्ग जाग्रत नहीं है ! आज अगर NEW-YEAR या VALENTINE या अन्य कोई HIGH-PROFILE गतिविधि हो तो वहां आप युवाओं का जोश देखिये , लड़ने झगड़ने से लेकर मरने मारने तक सब कुछ करने को तैयार रहते हैं ! काश ये जज्बा देश की समस्याओं को दूर करने में इस्तेमाल करते या थोड़ी सी जागरूकता दिखाते तो आज जो विकराल समस्याएँ हमारे सामने हैं वो ना होतीं ! अगर किसी युवा से ये पूंछा जाये कि आज मंहगाई दर क्या है ? आज देश में जो अराजकता फ़ैली हैं उसका क्या कारण है ? तो इसका जबाव हमारे युवाओं के पास नहीं है ! अगर फिल्मों को लेकर किसी बात पर विवाद हुआ है तो इस में सबसे बड़ा कारण हमारा युवा वर्ग ही है ! क्योंकि कई लोग इन युवाओं का सहारा लेकर देश ऐसी स्थिती और माहौल उत्पन्न करते हैं ! आज अगर हमारा युवा वर्ग जागरूक होता तो , ना खड़ी होती ये हिन्दू - मुस्लिम नाम की दीवारें , देश में फैला आतंकवाद , जातिवाद , बिगड़ते हालात , उंच- नीच का भेद -भाव , आज अपनी चरम सीमा तक फैला भ्रष्टाचार और बड़े-बड़े घोटाले और ना जाने कितनी ऐसी समस्याएँ हैं जो आज देश में हमारे समाज में घर कर गयी हैं ! ऐसा नहीं है की अनपढ़ है इसलिए जागरूक नहीं है बल्कि इस देश में तो पढ़ा-लिखा युवा भी जागरूक नहीं है ! ये सब इसलिए लिखा है अगर युवा चाहे तो बहुत कुछ कर सकता है क्योंकि युवाओं में शक्ति , जोश , जज्बा सब कुछ है ! युवा वर्ग चाहे तो अपनी थोड़ी सी जागरूकता से देश ना सही कम से कम अपने आस पास के माहौल को तो सुधारने की कोशिश कर सकता है ! कहा जाता हैं कि युवा संगठन में बहुत ताक़त होती है ! अगर युवा चाहे तो कुछ भी कर सकता क्योंकि इनका संगठन एक बहुत बड़ी संख्या में होता है ! अगर युवा जागरूक हो जाएँ तो देश के ढोंगी और धर्म के नाम पर अपनी रोटियां सेंकने वाले ठेकेदारों को इस देश में अपना ये ढोंग ना होने दें ! अगर युवा जागरूक हो जाये तो इस देश की सूरत बदलने में ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा ! फिर से ये देश " सोने की चिड़िया " कहलाने लगेगा !


जागो जागो देश के युवाओं जागो ............. आप तो देश का भविष्य हैं ............... अपना भविष्य सवारें और देश भी !


धन्यवाद