कल मुझे मेरे एक मित्र ने SMS भेजा , चूँकि वह एक व्यंग्य है जिसमें मर्दों को कई उपाधियाँ दी गयी हैं ! सोचा आपको भी उन उपाधियों से रूबरू करा दूं , वैसे तो मर्दों को कई उपाधियाँ मिली हैं जैसे पत्थरदिल , उठाईगीर नामर्द, गुंडा-मावली वगैरह -वगैरह , लीजिये प्रस्तुत हैं ( SMS ) व्यंग्य जो युवाओं और सभी मर्दों पर लागू होता है !
बेचारा लड़का अगर लड़की पर हाँथ उठाये
तो जालिम
बेचारा लड़का अगर लड़की से पिट जाए
तो नामर्द
बेचारा लड़का , लड़की को किसी और के साथ देखकर
तो जलन
बेचारा लड़का अगर चुप रहे
तो बेगैरत
बेचारा लड़का यदि घर से बाहर रहे
तो आवारा
बेचारा लड़का यदि घर में रहे
तो नाकारा
बेचारा बच्चों को मारे-पीटे तो बुजदिल
अगर ध्यान ना दे तो लापरवाह
अगर बीबी को नौकरी करने से रोके
तो शकी मिजाज
ना रोके तो , बीबी की कमाई खाने बाला
इसलिए कहते हैं भैय्या .............. " मर्द को भी दर्द होता है "
धन्यवाद