सपने देखना किसी परी कथा के जैसा होता है ! रोमांच और ख़ुशी से भरपूर ! जहाँ पर आपकी अपनी खुशियों का अपना संसार होता है , चारों ओर आनंद ही आनंद " स्वर्ग मिलने का अहसास है सपने " सपना तो हमारे पूर्वजों ने देखा था आजादी का और कुशल राष्ट्र निर्माण का , जब वो अंग्रेजों की गुलामी में अपना जीवन बसर कर रहे थे ! सपना तो हमारे क्रांतिवीरों और देश के सच्चे सपूतों ने देखा था ! आजाद भारत का ! सेंकड़ों वीरों और वीरांगनाओं ने अपना वलिदान दिया तब जाकर उनका ( आजादी ) सपना पूरा हुआ , किन्तु जो स्थिति और हालात आज इस देश के हैं , शायद ऐसी आजादी का सपना किसी ने नहीं देखा होगा ! सपने सच हुए किन्तु देश की हालत आज चिंताजनक है ! सपना तो आज पूरा हिन्दुस्तान देख रहा है , भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र का ! क्या ये सपना कभी पूरा होगा ? सपना तो आज का हर बेरोजगार युवा देख रहा है , रोजगार का ! सपना तो देश की आम और गरीब जनता देख रही है मंहगाई कम होने का ! आज देश की संसद भी देख रही है सपना , सच्चे राजनेताओं का , वे राजनेता जो उसके मान - सम्मान को बढ़ाएं ना कि उसे शर्मसार करें ! ये तो वो सपने हैं जो इस जीवन में तो नहीं लगता कि, कभी पूरे होंगे ! क्योंकि सपने तो सपने होते हैं ! सपने कभी सच होते हैं तो कभी टूट और बिखर जाते हैं ! ( अगर आज मुंगेरीलाल जैसा सपना देखोगे तो अवश्य टूट जायेगा ) सपने भी कई तरह के होते हैं सस्ते ( गरीब देखता है ) मंहगे ( अमीर देखता है ) अपने लिये ( १०० % लोग ) अपनों के लिए ( १० % लोग ) दूसरों के लिए ( इस तरह के सपने अब कम लोग ही देखते हैं ) फ़ालतू के सपने , ( नकारा और कामचोर ) लोग ही देखते हैं ! सपने झूंठे भी होते हैं जो सिर्फ दूसरों को दिखाए जाते हैं ! ( झूंठे सपने दिखाने में देश के नेता पारंगत है , और बेचारी जनता देखने में ) ! जैसे जैसे वक़्त तेजी से बदल रहा है , आधुनिकता की आगोश में समा रहा है , सपने भी तेजी के साथ बदल रहे हैं ! आज सपने जितने मंहगे हैं शायद उतने पहले कभी नहीं थे ! कहा जाता है सपने तो कोई भी देख सकता है ! हर इंसान को सपने देखने का अधिकार है ! गरीब , अमीर बनने के , अमीर और अमीर बनने के सपने देखता है !
मंहगे सपने सिर्फ अमीर देखता है ! मसलन . मंहगी कार होते हुए भी उससे महंगी कार खरीदने का सपना , पेट्रोल की कीमतें कहीं भी हों उसे फर्क नहीं पड़ता ! मंहगे से मंहगे फ़्लैट , कोई दुबई में बुक करने के सपने देखता है तो कोई चाँद पर रहने के , तो कोई " अंबानी " के " एंटीलिया " बिल्डिंग के सपने देख रहा है ! हर मंहगी से मंहगी बस्तु खरीदने का सपना , मंहगे से मंहगे शौक पूरे करने का सपना सिर्फ और सिर्फ अमीर ही देखता है ! ऐसे सपने तो गरीब सपने में भी नहीं देखता !
सस्ते सपने तो सिर्फ गरीब देखता है ... मसलन.......... सस्ता घर , सस्ता खाना , सस्ते दैनिक उपयोग के सामान , मुफ्त का माल जितना ज्यादा से ज्यादा ( रस्ते का माल सस्ते में ) , सस्ती गाड़ी , सस्ता पेट्रोल , सस्ता मोबाइल , वो , वह सभी चीजें सस्ती खरीदना चाहता है जो बाजार मूल्य से कम कीमत पर उसे मिल जाए ! ऐसे सस्ते सपने होते हैं एक गरीब के !
सस्ते और मंहगे सपने , दौनों तरह के सपने सिर्फ मध्यमवर्ग परिवार ही देखते हैं ! हमेशा दो पाटों की बीच पिसने वाला यहाँ भी पिसता रहता है ! समाज के साथ चलने , अच्छा लिविंग स्टेटस , नए फैशन को अपनाने का सपना देखते तो हैं , किन्तु इस मंहगाई के दौर में उनकी जेब इस तरह के सपने देखने को गवारा नहीं करती ! वो सपना देखते हैं ये सब पाने का किन्तु सस्ते में ही उनका काम निकल जाए ऐसा वो सपना हर दिन देखते हैं ! इसलिए माध्यम वर्ग इन्ही सस्ते और मंहगे के चक्कर में अपना पूरा जीवन निकाल देता है ! यहाँ कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ना तो सपना देखते हैं ,और ना ही उन्हें फुर्सत होती है सपना देखने की !
कुछ लोग राष्ट्र हित का सपना देखते हैं ! कुछ समाज हित का सपना देखते हैं ! कुछ परिवार हित का सपना देखते हैं ! कुछ अपना हित देखते हैं ! और कुछ ............. आप कौन सा सपना देखते हैं ?
धन्यवाद
धन्यवाद